
ब्रेकिंग न्यूज़: बड़ा हादसा टला!
किसान मेल विशेष रिपोर्ट | संवाददाता: अकबर अली
मोहम्मदी खीरी: उमा देवी चिल्ड्रन एकेडमी की बोलेरो खाई में पलटी, ग्रामीणों व मछुआरों की मुस्तैदी से बची 5 मासूमों की जान
मोहम्मदी-खीरी (उत्तर प्रदेश)।
लापरवाही और रफ्तार के कहर ने आज फिर मासूम चिरागों को खतरे में डाल दिया। मोहम्मदी खीरी स्थित उमा देवी चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों को लेकर जा रही एक बोलेरो गाड़ी ड्राइवर की घोर लापरवाही के चलते भीषण हादसे का शिकार हो गई। वाहन में सवार पांच मासूम स्कूली बच्चे पानी से लबालब भरी खंती में डूबने लगे, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरों की तत्परता से समय रहते बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमा देवी चिल्ड्रन एकेडमी के पांच बच्चे बोलेरो वाहन में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। जैसे ही वाहन मुल्लापुर रपटा पुल (पसगवां मार्ग) के पास पहुंचा, ड्राइवर की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बोलेरो से नियंत्रण छूट गया। अनियंत्रित होकर बोलेरो सीधे सड़क किनारे पानी से भरी गहरी खंती में जा गिरी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि पूरी बोलेरो गाड़ी पानी में पूरी तरह डूब गई और उसके ऊपर से पानी बहने लगा। गाड़ी के डूबते ही चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप फैल गया।
मछुआरों और ग्रामीणों बने ‘देवदूत’
घटना के वक्त पास में ही मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरों ने अद्भुत साहस व तत्परता का परिचय दिया। बिना अपनी जान की परवाह किए लोग तुरंत पानी में कूद पड़े और डूबी हुई बोलेरो का दरवाजा खोलकर एक-एक करके सभी पांचों बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
भगवान का शुक्र रहा कि समय रहते बचाव कार्य शुरू हो गया, जिससे किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। सभी बच्चे सुरक्षित हैं, हालांकि इस खौफनाक हादसे से वे बेहद सहमे हुए हैं।
बड़ा सवाल: बच्चों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन?
इस दर्दनाक घटना ने स्कूली बच्चों की परिवहन सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या स्कूल वाहनों के ड्राइवरों की योग्यता और रफ्तार पर प्रशासन की कोई नजर नहीं है?
ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले चालकों पर शिकंजा कब कसेगा?
मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे संस्थानों और चालकों की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
क्षेत्रीय जनता और अभिभावकों ने जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी ड्राइवर और लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई मासूम ऐसे हादसों का शिकार न बने।





