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उन्नाव: कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा तानवी तिवारी बनीं एक दिन की जिलाधिकारी, डीएम के साथ सुनीं फरियादियों की समस्याएं

कक्षा आठ में 90 प्रतिशत अंक हासिल कर दिखाई थी प्रतिभा, जिलाधिकारी घनश्याम मीना के बगल में बैठकर जानी प्रशासनिक कार्यप्रणाली

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News

उन्नाव। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नवाबगंज की कक्षा नौ की छात्रा तानवी तिवारी को एक दिन की जिलाधिकारी बनने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी घनश्याम मीना के साथ बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया में भाग लिया। इस अनुभव के जरिए छात्रा को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला। तानवी की इस उपलब्धि से उनके परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल है।

तानवी तिवारी ने कक्षा आठ में 90 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया था। उनकी इसी उपलब्धि और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्हें एक दिन की जिलाधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के कामकाज और आम लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को समझा।

डीएम के साथ बैठकर सुनीं फरियादियों की समस्याएं

एक दिन की जिलाधिकारी बनीं तानवी तिवारी जिलाधिकारी घनश्याम मीना के बगल में बैठीं। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। आमजन अपनी समस्याएं लेकर प्रशासन के पास किस तरह पहुंचते हैं और उनके समाधान के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसे समझने का उन्हें अवसर मिला।

इस अनुभव ने छात्रा को प्रशासनिक जिम्मेदारियों, जनसेवा और अधिकारियों की भूमिका को करीब से जानने का मौका दिया। जिलाधिकारी की भूमिका निभाते हुए तानवी ने लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को समझने में रुचि दिखाई।

पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन से मिली पहचान

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नवाबगंज की छात्रा तानवी ने कक्षा आठ में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। पढ़ाई में उनके अच्छे प्रदर्शन ने उनकी प्रतिभा को उजागर किया। एक दिन की जिलाधिकारी बनने का अवसर छात्रा के लिए न केवल सम्मान का विषय रहा, बल्कि भविष्य में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरणा देने वाला अनुभव भी बना।

पिता 15 वर्षों से निजी नौकरी में कार्यरत

तानवी तिवारी के पिता केशव कुमार पिछले 15 वर्षों से निजी नौकरी कर रहे हैं। उनकी मां का नाम मधु है। बेटी को एक दिन की जिलाधिकारी बनने का अवसर मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। विद्यालय में भी छात्रा की उपलब्धि को लेकर उत्साह है।

तानवी की यह उपलब्धि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। इससे यह संदेश मिलता है कि मेहनत, लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। प्रशासनिक कार्यप्रणाली का यह अनुभव उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में भी सहायक साबित हो सकता है।

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