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योगी कैबिनेट की बैठक में 16 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा की तैयारी, शिक्षकों के कैशलेस इलाज पर नजरें

ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सड़क परिवहन से जुड़े 16 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख बताए जा रहे हैं।

10 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को मिल सकती है कैशलेस इलाज की सुविधा

बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े पात्र शिक्षक-कर्मचारियों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है। इसमें सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों तथा समग्र शिक्षा परियोजना के कर्मचारियों को शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।

प्रस्ताव के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों के परिवारों को मिलाकर करीब 50 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, योजना का अंतिम दायरा, पात्रता और लागू होने की तारीख आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में बढ़ सकते हैं बेड

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। अस्पताल में मौजूदा 1,250 बेड की संख्या बढ़ाकर 3,000 करने की योजना बताई जा रही है। इससे प्रयागराज और आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, 200 या उससे अधिक बेड वाले चार प्रमुख सरकारी अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किए जाने की संभावना है।

आईआईटी कानपुर में साइबर सुरक्षा केंद्र का प्रस्ताव

सरकारी विभागों के डिजिटल सिस्टम और संवेदनशील डाटा की सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर में उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी पोर्टलों और डाटाबेस को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी हो सकता है फैसला

प्रदेश में सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े डेवलपर्स के चयन संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इन प्रस्तावों पर निर्णय होने के बाद संबंधित परियोजनाओं की आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।

कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन योजनाओं को मंजूरी मिली है और उनका क्रियान्वयन कब से शुरू होगा।

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