फतेहपुर: बौंडर गांव में 12 लाख के जेवरात और नकदी चोरी का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के बौंडर गांव में एक घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कुछ लोगों पर चोरी में संलिप्त होने का संदेह जताते हुए नामजद शिकायत देने का दावा किया है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
घर की कुंडी काटकर चोरी करने का आरोप
प्रार्थना पत्र के अनुसार, बौंडर गांव के वार्ड नंबर-3 निवासी मातादीन रैदास पुत्र विजयी रैदास ने बताया कि 18 और 19 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि वह अपने परिवार के साथ घर के सामने छप्पर के नीचे सो रहे थे। सुबह करीब 5:30 बजे उठने पर घर के दरवाजे की कुंडी कटी मिली। अंदर जाकर देखा तो अलमारी और बक्से की कुंडियां भी टूटी हुई थीं।
पीड़ित के मुताबिक, घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थी। उन्होंने चांदी के जेवरात की कीमत करीब सात लाख रुपये, सोने के आभूषणों की कीमत करीब पांच लाख रुपये और नकदी पांच हजार रुपये बताई है। इस तरह कुल लगभग 12 लाख पांच हजार रुपये की संपत्ति चोरी होने का दावा किया गया है।
चार लोगों के नाम शिकायत में शामिल करने का दावा
मातादीन रैदास के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। घटना के दो दिन बाद कुछ लोगों के कथित रूप से चोरी में शामिल होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में अमित कुमार सोनी पुत्र अशोक उर्फ पप्पू, छोटू सोनी पुत्र अशोक उर्फ पप्पू और दयाशंकर पुत्र लक्ष्मी नारायण, निवासी बौंडर गांव, तथा रोहित पुत्र मिथिलेश, निवासी गेझुरी गांव, थाना असोथर के नाम दिए।
हालांकि, इन लोगों की कथित संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चोरी के मामले में उनकी भूमिका जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत पर कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने 9 और 10 अक्टूबर 2026 को असोथर थाने में नामजद प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायत लेकर पहुंचने पर उन्हें डांटकर वापस भेज दिया गया।
मातादीन ने आरोप लगाया कि शिकायत की जानकारी संबंधित लोगों को होने के बाद वे उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, उन्हें मुकदमे में कार्रवाई कराने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
एसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में नामजद लोगों के संबंध में उपलब्ध तथ्यों का सत्यापन करने और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, कथित धमकियों का हवाला देते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि शिकायत के आधार पर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए पुलिस क्या कदम उठाती है।



