पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे पुरवा, पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ने की जताई इच्छा; विधायक अनिल सिंह के बयान पर साधी चुप्पी

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
पुरवा/असोहा (उन्नाव)। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह गुरुवार को उन्नाव पहुंचे। असोहा ब्लॉक के सेरवइया गांव स्थित पूर्वी देवी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मंदिर परिसर की साज-सज्जा के लोकार्पण और सांस्कृतिक आयोजन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़े इतिहास और पुरवा तहसील से अपने पारिवारिक संबंधों पर बात की। उनके दौरे के दौरान पुरवा विधायक अनिल सिंह के पुराने बयान को लेकर भी सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ने पहुंचे बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि उनके पूर्वज पुरवा तहसील के रंजीतपुरवा गांव के रहने वाले थे। उनके अनुसार, वर्ष 1857 के दौर में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के बाद उनके पूर्वजों को यह क्षेत्र छोड़ना पड़ा था और बाद में वे गोंडा चले गए। उन्होंने बताया कि परिवार के पुराने इतिहास से जुड़ी जानकारियां गोंडा स्थित उनके आवास के ठाकुरद्वारे के जीर्णोद्धार के दौरान भी सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ना है। वह चाहते हैं कि पुरानी पारिवारिक विरासत और क्षेत्र के लोगों के साथ संबंधों को फिर से मजबूत किया जाए।

विधायक अनिल सिंह के बयान पर पूछे गए सवाल, बृजभूषण ने नहीं दी प्रतिक्रिया
बृजभूषण शरण सिंह के उन्नाव पहुंचने के बाद पुरवा विधायक अनिल सिंह के पुराने बयान को लेकर भी चर्चा हुई। मीडिया ने उनसे इस संबंध में सवाल किया, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में पुरवा विधायक अनिल सिंह ने बृजभूषण शरण सिंह की उम्र को लेकर टिप्पणी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा था कि बृजभूषण की उम्र 72 वर्ष हो चुकी है और अब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। इसी बयान को लेकर बृजभूषण से सवाल किया गया था, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

उन्नाव से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी हुई बात
बृजभूषण शरण सिंह के उन्नाव आगमन के बाद उनके राजनीतिक भविष्य और जिले से संभावित चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चाएं सामने आईं। हालांकि, उन्होंने अपने दौरे को राजनीतिक गतिविधि से अलग बताते हुए पूर्वजों की जन्मभूमि से जुड़ाव पर जोर दिया। उनके दौरे को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
सपा नेता ने किया स्वागत
कार्यक्रम का आयोजन सपा नेता एवं पूर्व प्रधान सतीश त्रिपाठी की ओर से किया गया था। आयोजक ने बृजभूषण शरण सिंह का गदा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर लगे स्वागत संबंधी होर्डिंगों में सपा नेताओं की मौजूदगी और भाजपा नेताओं की अपेक्षाकृत दूरी को लेकर भी स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा रही।
इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह से उनके करीबी रहे भवानी भीख शुक्ला के समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर भी सवाल पूछे गए। इस विषय पर भी उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
पारिवारिक विरासत और राजनीति दोनों को लेकर चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह का यह दौरा पूर्वजों की जन्मभूमि से उनके जुड़ाव के कारण चर्चा में रहा। वहीं, विधायक अनिल सिंह के पुराने बयान पर उनकी चुप्पी और उन्नाव से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर उठे सवालों ने दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बना दिया।



