उन्नाव जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में व्यवस्थाओं पर सवाल, डॉक्टरों के केबिन मिले खाली या बंद

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठे हैं। दोपहर 1:10 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सकों के केबिन खाली या बंद मिले। वहीं, कुछ केबिन के बाहर मरीज और तीमारदार इलाज के इंतजार में परेशान नजर आए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. मनीष चौरसिया की कुर्सी खाली मिली, जबकि डॉ. घनश्याम शादीबा भी अपने केबिन में नहीं मिले। डॉ. मनोज कुमार के केबिन का दरवाजा बंद था। इस दौरान उनके ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में होने की बात बताई गई। डॉ. संजीव कुमार के केबिन का दरवाजा भी बंद मिला।
दूसरी ओर, डॉ. निरुपम अवस्थी के केबिन के बाहर मरीजों की भारी भीड़ दिखाई दी। इलाज के लिए पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ महिलाओं को जमीन पर बैठना पड़ा।
ट्रामा सेंटर में सामने आई इन स्थितियों ने चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान संबंधित चिकित्सकों के केबिन में मौजूद नहीं होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और अस्पताल में बैठने सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन से अपेक्षा है कि वह व्यवस्थाओं की समीक्षा कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए।



