बहुराजमऊ में श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति पर उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे और रामलीला ने मोहा मन
संवाददाता: सचिन पांडेय
उन्नाव। जनपद उन्नाव की पावन धरती पर स्थित बहुराजमऊ ग्राम सभा में श्रीमद्भागवत कथा के समापन के बाद भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सात दिनों तक चली श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर धर्म और अध्यात्म की अनुभूति की। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया और पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा की पूर्णाहुति के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं की सेवा, प्रसाद वितरण और आपसी मेल-मिलाप के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। बच्चों की चहल-पहल से लेकर बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता तक, हर ओर सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव की झलक देखने को मिली।

शाम होते ही सजा माता रानी का भव्य दरबार
दिन ढलने के साथ ही कार्यक्रम की रौनक और बढ़ गई। माता रानी का भव्य दरबार आकर्षक सजावट, जगमगाती रोशनी और फूलों की सुगंध से सजा नजर आया। जयकारों से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति के रंग में सराबोर हो गए।
शाम को रामलीला का मंचन किया गया, जिसमें कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। देर शाम तक कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
विधायक सहित कई गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी
इस भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में क्षेत्रीय विधायक सहित शासन-प्रशासन से जुड़े कई गणमान्य अतिथियों ने भी शिरकत की। ग्राम सभा की ओर से अतिथियों का पारंपरिक रूप से पगड़ी बांधकर सम्मान किया गया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और अतिथि सत्कार की भावना का परिचय दिया।
बहुराजमऊ ग्राम सभा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का भी माध्यम बना। श्रीमद्भागवत कथा, विशाल भंडारे, माता रानी के दरबार और रामलीला की यादें श्रद्धालुओं के मन में लंबे समय तक बनी रहेंगी।



