उन्नाव के रामलीला मैदान में धू-धू कर जला रावण का पुतला, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा परिसर
ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी
उन्नाव, 25 अक्टूबर। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व रविवार को उन्नाव के रामलीला मैदान में उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। यहां रावण दहन का आयोजन किया गया। रावण का पुतला जलते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध तथा रावण वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के हाथों रावण का वध होते ही उपस्थित लोगों ने जयकारे लगाए। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले में आग लगते ही वह धू-धू कर जलने लगा। इस दृश्य को देखने के लिए मैदान में मौजूद लोगों में उत्साह दिखाई दिया।
परिवार के साथ रावण दहन देखने पहुंचे लोग
रावण दहन देखने के लिए रामलीला मैदान में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी रही। कई लोग अपने परिवार के साथ कार्यक्रम देखने पहुंचे। दशहरे के अवसर पर मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहा। भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस पर्व को मनाया।
रावण दहन से मिला सत्य और धर्म का संदेश
विजयादशमी का पर्व अहंकार, अन्याय और बुराई के अंत का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामलीला और रावण दहन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है तथा अंत में सत्य की ही विजय होती है।
उन्नाव के रामलीला मैदान में रावण दहन के साथ दशहरे का आयोजन धार्मिक उत्साह के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन ने लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर दिया।



