जलभराव से जल्द मिलेगी निजात, चार वार्डों में 2.13 करोड़ रुपये से बनेगा आरसीसी नाला

संवाददाता सचिन पांडेय, Kisan Mail News
उन्नाव। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को राहत देने के लिए नगर पालिका की ओर से चार अलग-अलग वार्डों में आरसीसी नालों का निर्माण कराया जाएगा। करीब 2.13 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों में शहर के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों को शामिल किया गया है। नालों के निर्माण के बाद संबंधित क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा निर्माण कार्य वार्ड संख्या आठ के पीताम्बर नगर भाग-1 में कराया जाएगा। यहां रायबरेली क्रॉसिंग से एक्सिस बैंक की मोती नगर शाखा तक आरसीसी नाला बनाया जाएगा। इस कार्य पर 80.44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी वार्ड में नाइस आइसक्रीम वाली गली से लाला इक्का पुलिया तक दूसरा आरसीसी नाला प्रस्तावित है, जिसकी लागत 63.68 लाख रुपये है।
इसके अलावा वार्ड संख्या 31 में पूजा बेकरी पुलिया से शमीउल्ला के मकान तक आरसीसी नाला निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 46.14 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं वार्ड संख्या 17 के स्टेशन रोड पर रीडिंग क्लब के सामने से डॉ. किशोर गुप्ता के मकान तक नाला बनाया जाएगा। इस कार्य की लागत 23.12 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
कई इलाकों में बारिश के बाद होता है जलभराव
शहर के इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में जमा हो जाता है। पक्के आरसीसी नालों के निर्माण से पानी की निकासी को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर मुख्य मार्गों से जुड़े नालों के निर्माण से आसपास के मोहल्लों का पानी निकालने की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करना प्राथमिकता में है। जिन क्षेत्रों में नाला निर्माण की आवश्यकता है, वहां चरणबद्ध तरीके से कार्य कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित आरसीसी नालों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर पालिका के इन चारों कार्यों के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था में सुधार आने की संभावना है। निर्माण के दौरान नालों की गुणवत्ता के साथ-साथ पानी के उचित बहाव का भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा, ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।



