
उत्तराखंड-
कैंचीधाम में जाम से नाराज केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा अधिकारियों पर भड़क गए, बोले, “मैं गाली क्यों खाऊं, बोर्ड लगाकर अधिकारियों के नंबर लिखूंगा”,
काठगोदाम के सर्किट हाउस में बैठक कर उन्होंने जाम से निजात के लिए वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग और सड़क चौड़ीकरण के काम तेज करने के निर्देश दिए
उन्होंने पर्वतीय वाहनों को ज्योलीकोट मार्ग से भेजने, निगलाट में पार्किंग बनाने, भवाली से कैंचीधाम तक सड़क चौड़ी करने और कैंचीधाम से हड़तप्पा तक वैकल्पिक सड़क का प्रस्ताव तैयार करने को कहा, रानीबाग में वैली ब्रिज के सर्वे और गुलाबघाटी चौड़ीकरण के भी निर्देश दिए
मंत्री ने कैंचीधाम मंदिर सुबह छह के बजाय चार बजे खोलने, श्रद्धालुओं के प्रवेश-निकासी के अलग रास्ते बनाने तथा निर्धारित पार्किंग में ही वाहन खड़े करने की अपील की!!
कैंची धाम बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर वीकेंड, छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर यहां वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इसका सीधा असर भवाली-कैंची धाम मार्ग और आसपास की सड़कों पर पड़ता है। कई बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है।
जाम की समस्या से सिर्फ पर्यटक और श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग, टैक्सी चालक, विद्यार्थी और मरीज भी परेशान होते हैं। लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आवाजाही में देरी का सामना करना पड़ता है। बार-बार सामने आ रही इस समस्या के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिलने से यातायात व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।




