उत्तर प्रदेश साहित्य सभा का 5वाँ स्थापना दिवस ‘आश्वस्ति–2026’ मुख्य अतिथि बृजेश पाठक ने किया कई पुस्तकों का विमोचन।

-आर के श्रीवास्तव प्रमुख संवाददाता









फोटो – आर के श्रीवास्तव
लखनऊ। 05 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा लखनऊ के तत्वावधान में संस्था का पाँचवाँ वार्षिक स्थापना दिवस समारोह “आश्वस्ति–2026” गोमतीनगर स्थित अखिल भारतीय बौद्ध शोध संस्थान के वातानुकूलित सभागार में अत्यंत भव्यता और हर्षाेल्लास के साथ आयोजित किया गया। पिछले दो महीनों की अथक तैयारी के बाद आयोजित इस सारस्वत समारोह में उत्तर प्रदेश के 69 जिलों की इकाइयों सहित देश की राजधानी नई दिल्ली के साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों एवं साहित्य प्रेमियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
भव्य शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत
समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहे। विशिष्ट अतिथियों में राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, अभियोजन विभाग के निदेशक ललित मुद्गल तथा विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, पद्मश्री विद्या बिन्दु सिंह एवं संस्था के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. शिवओम अम्बर मंच पर आसीन रहे।
अतिथियों का स्वागत डॉ. राजीव राज, केवल प्रसाद सत्यम, आशीष अनल, डॉ. विष्णु सक्सेना, गिरधर खरे, सुनील त्रिपाठी, बलराम श्रीवास्तव, आलोक रावत, अरविन्द झा, अर्जुन सिंह चांद, राजीव वर्मा वत्सल, योगेश शुक्ला योगी, देवेश पांडे, सीसीटी प्रकाश सत्य एवं अभय निर्भीक द्वारा किया गया। माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के बाद कवयित्रियों ने सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। इस सत्र का संचालन शीतल बाजपेयी ने किया। संस्था के प्रधान सर्वेश अस्थाना ने संस्थात्मक परिचय रखा तथा डॉ. शिव ओम अम्बर ने रुद्रमणि चिकित्सक को ‘चिकित्सक साहित्य सभा’ एवं ऋचा खन्ना को ‘विद्यार्थी साहित्य सभा’ का संयोजक मनोनीत किया।
साहित्यकारों का सम्मान
द्वितीय सत्र में डॉ. राधा बिष्ट के संचालन में गणेश वंदना के उपरांत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया:
साहित्य सिद्धि सम्मान–2026: शिव भजन कमलेश (वरिष्ठ साहित्यकार, लखनऊ) एवं श्रीमती शारदा लाल
लोक साहित्य उन्नयन सम्मान–2026: डॉ. रमेश रंजन बाजपेई (अवधी विद्वान)
सार्थक साहित्यिक संस्था सम्मान–2026: चेतना साहित्य परिषद्, लखनऊ
शिक्षा साहित्यिक उन्नयन सम्मान–2026: सुश्री ऋचा खन्ना (संस्थापक, वर्धमान एकेडमी)
भाषा समन्वय सम्मान–2026: रेहान सिद्दीक़ी (संस्थापक, ‘अंदाज़–ए–बयाँ और’, दुबई)
नवोन्मेष सम्मान–2026: दीपक शर्मा सार्थक
पत्रिका व पुस्तकों का लोकार्पण
तृतीय सत्र में आलोक रावत ‘आहत लखनवी’ के कुशल संचालन में संस्था की मासिक पत्रिका ‘आश्वस्ति’ (संपादक: सुशील चन्द श्रीवास्तव) का लोकार्पण कर उसे उपस्थित जनों को निःशुल्क वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त तीन अन्य पुस्तकों का विमोचन हुआ:
‘युद्ध’ (सामाजिक उपन्यास) – सुनील अय्यर (लखनऊ)
‘पंख’ (गीत संग्रह) – नरेन्द्र गरल (बदायूँ)
‘क्या ज़माना था..’ – डॉ. गीतम सिंह (बदायूँ)
उप मुख्यमंत्री का विचारणीय संबोधन
चौथे सत्र में शीतल बाजपेयी और हास्य-व्यंग्य कवि सर्वेश अस्थाना के संचालन में अतिथियों के आशीर्वचन हुए। मुख्य अतिथि व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते अंग्रेजीकरण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे हिंदी भाषा के संरक्षण के साथ-साथ भारत की अन्य प्रांतीय भाषाओं को भी सीखें और उनका समान आदर करें।
प्रांतीय प्रतिवेदन व समापन
पाँचवें सत्र का संचालन गिरधर खरे ने किया, जिसमें प्रदेश के 21 जनपदों से आए इकाई पदाधिकारियों ने अपने क्षेत्रों की साहित्यिक गतिविधियों एवं चुनौतियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किए।
अंतिम सत्र में डॉ. विष्णु सक्सेना ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संस्था के भावी संकल्पों को दोहराया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट अवधी व्यंजनों के साथ रात्रि भोज और सौहार्दपूर्ण सामूहिक फोटो सेशन के साथ हुआ।



