उत्तर प्रदेशउन्नावताजा खबर

बारिश और महंगाई की दोहरी मार के बीच जन्माष्टमी की तैयारियां तेज, सज गए उन्नाव के बाजार

जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी

लड्डू गोपाल की पोशाक से लेकर मुकुट, झूले और सिंहासन तक सजे; दुकानदारों को अंतिम दिनों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद

उन्नाव। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उन्नाव शहर के बाजार सजकर तैयार हो गए हैं। बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा की आकर्षक पोशाक, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, झूले, सिंहासन और झांकी सजाने के सामान की दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और महंगाई के चलते इस बार बाजार में ग्राहकों की संख्या और बिक्री अपेक्षाकृत कमजोर बताई जा रही है।

जिले में जन्माष्टमी का पर्व आने वाले शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर घरों से लेकर मंदिरों तक तैयारियां शुरू हो गई हैं।

लड्डू गोपाल के श्रृंगार का सजा बाजार

बाजारों में लड्डू गोपाल की छोटी-बड़ी मूर्तियों के साथ उनके वस्त्र, मुकुट, ज्वेलरी, माला, कंगन और श्रृंगार का सामान उपलब्ध है। घरों में बाल गोपाल की झांकी सजाने के लिए कृत्रिम फूल, छोटे-बड़े झूले, सिंहासन, माखन-मिश्री और पंचामृत से जुड़ी सामग्री भी दुकानों पर मिल रही है।

कृष्ण और राधा की रंग-बिरंगी पोशाक, आकर्षक मुकुट और आभूषण बच्चों के साथ परिवारों को भी आकर्षित कर रहे हैं।

बारिश ने प्रभावित की दुकानदारी

दुकानदार निमेश निगम ने बताया कि इस बार बिक्री सामान्य से कम है। लगातार बारिश होने के कारण ग्राहक बाजार कम पहुंच रहे हैं। इसके अलावा महंगाई का असर भी खरीदारी पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने बताया कि भगवान की पोशाक, वस्त्र और सजावट के सामान की मांग बनी हुई है। वहीं, ज्वेलरी अपेक्षाकृत महंगी वस्तुओं में शामिल है। दुकानदारों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी।

एक अन्य दुकानदार सोहिल कुमार ने बताया कि इस बार दुकानदारी काफी धीमी है। कम कीमत में सामान उपलब्ध कराने के बावजूद ग्राहक अपेक्षाकृत कम पहुंच रहे हैं। उनकी दुकान पर मूर्तियों, वस्त्र, ज्वेलरी, झूले और सजावट समेत पूजा से संबंधित विभिन्न सामान उपलब्ध हैं।

10 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक के वस्त्र

दुकानदारों के अनुसार जन्माष्टमी पर भगवान के कपड़ों और वस्त्रों की सबसे अधिक मांग रहती है। सामान्य और छोटे वस्त्र करीब 10 से 20 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जबकि बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले बड़े वस्त्र 400 से 500 रुपये तक बिक रहे हैं।

मूर्तियों की कीमत उनके आकार, डिजाइन और गुणवत्ता के अनुसार अलग-अलग है। इसी तरह ज्वेलरी और विशेष सजावटी सामान के दाम भी डिजाइन और गुणवत्ता के आधार पर तय किए जा रहे हैं।

झूले और कृष्ण-राधा की पोशाक की मांग

बाल गोपाल की झांकी सजाने के लिए बाजार में छोटे-बड़े झूले उपलब्ध हैं। साधारण झूले कम कीमत में मिल रहे हैं, जबकि सजावटी और धातु से बने बड़े झूलों की कीमत अधिक है।

मोरपंख लगी बांसुरी, मुकुट, हार, कंगन और अन्य श्रृंगार सामग्री भी दुकानों पर सजी हुई है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद बाल गोपाल को झूला झुलाने की परंपरा को देखते हुए झूलों की मांग बढ़ी है।

मंदिरों में भी तैयारियां तेज

जन्माष्टमी को लेकर उन्नाव के प्रमुख कृष्ण मंदिरों और अन्य मंदिरों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिर परिसरों की साफ-सफाई, सजावट और प्रकाश व्यवस्था का काम कराया जा रहा है।

रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना, संकीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

बारिश को देखते हुए मंदिर परिसरों में जलभराव और फिसलन से बचाव तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

भीड़ और यातायात पर पुलिस की नजर

जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों और बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं से मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों व सामान का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है।

मौसम साफ हुआ तो अंतिम दिनों में बढ़ सकती है बिक्री

इस बार जन्माष्टमी बाजार पर बारिश और महंगाई की दोहरी मार दिखाई दे रही है। बारिश के कारण लोग बाजार आने से बच रहे हैं, वहीं महंगाई के चलते लोग जरूरत के सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं।

हालांकि, दुकानदारों को उम्मीद है कि जन्माष्टमी से एक दिन पहले और त्योहार वाले दिन मौसम साफ रहा तो बाजार में अचानक भीड़ बढ़ सकती है। अब दुकानदारों की नजर त्योहार की अंतिम खरीदारी पर है और उन्हें उम्मीद है कि जन्माष्टमी की रात तक बाजार में रौनक लौटेगी।

Related Articles

Back to top button