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उन्नाव में 24 अधिकारियों का वेतन रोका, शिकायतों के निस्तारण से फरियादी असंतुष्ट

ब्यूरो चीफ ऋषभ तिवारी

उन्नाव। सरकारी विभागों में जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद शासन स्तर से कराए गए फीडबैक में बड़ी संख्या में फरियादी संतुष्ट नहीं मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने 24 अधिकारियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया है।

541 शिकायतों का लिया गया फीडबैक

एक से 12 अगस्त के बीच आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज 541 शिकायतों के निस्तारण का शासन स्तर से फीडबैक लिया गया। इसमें 343 शिकायतों के निस्तारण से फरियादियों ने संतुष्टि जताई, जबकि 210 फरियादियों ने असंतोष जाहिर किया।

फीडबैक में सामने आया कि कई विभागों में शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता तक सीमित रहा और शिकायतकर्ताओं को वास्तविक समाधान नहीं मिला।

इन विभागों के अधिकारी कार्रवाई की जद में

जिन 24 अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम व द्वितीय, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायतराज अधिकारी, एलडीएम बैंक, एआरटीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास एवं पुष्टाहार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, जिला कमांडेंट होमगार्ड, एआरएम रोडवेज, जिला क्रीड़ा अधिकारी, उपायुक्त वाणिज्य कर, एक्सईएन उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, उप निदेशक निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, सीएमएस महिला, एक्सईएन आरईएस और उपायुक्त मनरेगा आदि शामिल हैं।

डीएम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए शिकायतों का दोबारा गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं।

12 अधिकारियों के यहां 100 फीसदी असंतुष्टि

फीडबैक में सबसे गंभीर स्थिति 12 अधिकारियों के विभागों में सामने आई। इन अधिकारियों से संबंधित जिन शिकायतों का फीडबैक लिया गया, उनमें सभी शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट मिले।

इनमें अधीक्षण अभियंता विद्युत से संबंधित सात, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संबंधित पांच शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा डिप्टी आरएमओ, अधिशासी अभियंता विद्युत द्वितीय और जिला कमांडेंट होमगार्ड से संबंधित दो-दो शिकायतों में भी फरियादी संतुष्ट नहीं हुए।

वहीं जिला क्रीड़ा अधिकारी, वाणिज्य कर विभाग, सीएमएस महिला, आरईएस और आवास विकास परिषद के एक्सईएन से संबंधित एक-एक शिकायत में भी शत-प्रतिशत असंतोष सामने आया।

एक सप्ताह में देना होगा जवाब

डीएम घनश्याम मीना ने सभी संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी की समस्या का वास्तविक समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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