भौतिकी का नोबेल 2026 घोषित। ब्रह्मांड के रहस्यों और उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो कणों की खोज के लिए वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को मिला भौतिकी का नोबेल। आणविक संरचना और ‘मिरर-इमेज केमिस्ट्री’ पर उत्कृष्ट कार्य के लिए हेनरी बी. कागन और केन्सो सोई को मिला रसायन का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार।
स्टॉकहोम:
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने वर्ष 2026 के लिए विज्ञान के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस साल भौतिकी और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में ब्रह्मांड की गहराइयों से लेकर जीवन की सूक्ष्म आणविक संरचनाओं तक को समझने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया है:
भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 2026
फ्रांसिस हाल्जेन (Francis Halzen)
को दक्षिणी ध्रुव पर स्थित ‘आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी’ (IceCube Neutrino Observatory) में उनके निर्णायक योगदान और अंतरिक्ष से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो कणों (High-energy neutrinos) की खोज के लिए मिला ।
न्यूट्रिनो बहुत सूक्ष्म और मायावी कण होते हैं, जो बिना किसी रुकावट के पूरी पृथ्वी और हमारे शरीर से गुजर जाते हैं। हाल्जेन के इस ऐतिहासिक अनुसंधान से ब्रह्मांडीय किरणों के स्रोतों और अंतरिक्ष के दूर-दराज के अनसुलझे रहस्यों को जानने में बहुत मदद मिली है।
रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार 2026 का
हेनरी बी. कागन (Henri B. Kagan) और केन्सो सोई (Kenso Soai)
को असममित कार्बनिक संश्लेषण (Asymmetric organic synthesis) में नॉन-लीनियर प्रभावों और ऑटोकैटालिसिस (Autocatalysis) के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए दिया गया।
इन दोनों वैज्ञानिकों के इस क्रांतिकारी शोध ने ‘मिरर-इमेज’ (दर्पण जैसी दिखने वाली) अणुओं की रासायनिक संरचना को समझने और फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में उपयोगी शुद्ध यौगिकों के निर्माण की दिशा में नए रास्ते खोले हैं।



