फतेहपुर में मदरसों के औचक निरीक्षण में मिलीं कथित अनियमितताएं, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य ने दिए कार्रवाई के निर्देश

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। जिले में मदरसों की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति की जांच के लिए उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मोहम्मद असलम ने चार मदरसों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में कथित अनियमितताएं सामने आईं। आयोग सदस्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान आयोग सदस्य ने लोगों के साथ संवाद कर सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और पात्र लोगों से उनका लाभ उठाने की अपील की। इसके बाद उन्होंने मदरसों में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों से संबंधित अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया।
सनगांव में समय से पहले बंद मिला मदरसा
निरीक्षण के दौरान सनगांव स्थित एक मदरसा निर्धारित समय से पहले बंद मिला। इस स्थिति को लेकर शिक्षण व्यवस्था और संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मामले में मदरसा बंद होने के कारणों और निर्धारित समय-सारिणी के पालन की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
हाजिरी दर्ज होने के बावजूद शिक्षक नहीं मिले
एक अन्य मदरसे में उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद एक शिक्षक मौके पर मौजूद नहीं मिले। इस संबंध में आयोग सदस्य ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिक्षक की अनुपस्थिति किन परिस्थितियों में हुई और उपस्थिति संबंधी अभिलेखों में दर्ज जानकारी सही है या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
कोर्रा सादात में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बता सके जिम्मेदार
कोर्रा सादात स्थित मदरसे के निरीक्षण के दौरान आयोग सदस्य ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य से छात्र-छात्राओं की संख्या पूछी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित जिम्मेदार तत्काल विद्यार्थियों की संख्या नहीं बता सके। इस स्थिति के बाद संस्थान में अभिलेखों के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। हालांकि, विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या और संबंधित रिकॉर्ड की स्थिति अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एक दिन का वेतन काटने के निर्देश, डीएम को सौंपा पत्र
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर आयोग सदस्य मोहम्मद असलम ने संबंधित अधिकारियों को लापरवाही के मामलों में एक दिन का वेतन काटने और नियमानुसार कार्रवाई करने की हिदायत दी। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर संबंधित मदरसों के मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
इसी दौरान एक मदरसे के प्रबंधक के साथ फोन पर हुई बातचीत को लेकर भी विवाद सामने आया। बातचीत के दौरान कथित तौर पर अनुचित भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का विस्तृत बयान सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
चार मदरसों के निरीक्षण में सामने आई कथित कमियों के बाद अब संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। मदरसा समय से पहले बंद मिलने, शिक्षक की अनुपस्थिति और विद्यार्थियों की संख्या संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध न होने के मामलों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, आयोग सदस्य के निर्देशों के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।



