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कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में विवाद, प्राचार्य के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं; रैगिंग के आरोपों पर प्राचार्य ने दी सफाई

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News

कानपुर देहात। कुंभी स्थित मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शन से परिसर में विवाद की स्थिति सामने आई है। विद्यार्थियों ने प्राचार्य के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ छात्र-छात्राओं के हॉस्टल से अपना सामान लेकर बाहर आने की भी जानकारी सामने आई है। विद्यार्थियों ने प्राचार्य पर कमरे में बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, प्राचार्य अमरीश गुप्ता ने कॉलेज परिसर को रैगिंग-फ्री बताते हुए विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और रैगिंग से जुड़े नियमों पर अपनी बात रखी है।

प्राचार्य पर मारपीट का आरोप, विद्यार्थियों ने जताया विरोध

मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं प्राचार्य के खिलाफ धरने पर बैठ गए और परिसर के बाहर नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्राचार्य ने उन्हें कमरे में बुलाकर मारपीट की। विरोध के दौरान कुछ विद्यार्थी हॉस्टल से अपना सामान लेकर बाहर आ गए।

हालांकि, प्राचार्य पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्राचार्य अमरीश गुप्ता बोले— हमारा परिसर रैगिंग-फ्री

विवाद के बीच मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अमरीश गुप्ता ने रैगिंग संबंधी मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका परिसर रैगिंग-फ्री है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले विद्यार्थियों के लिए मिलन समारोह और मानसिक स्वास्थ्य पर संगोष्ठी आयोजित की गई थी, जिसमें बाहर से मनोचिकित्सकों ने हिस्सा लिया था।

प्राचार्य के मुताबिक, विद्यार्थी जब घर-परिवार से दूर नए माहौल में आते हैं, तो उनकी मानसिक स्थिति और भावनाओं को समझना जरूरी होता है। उन्होंने रैगिंग से जुड़े नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि जूनियर विद्यार्थियों से बातचीत को लेकर भी शिकायत मिलने पर मामले को रैगिंग के दायरे में रखकर जांचा जा सकता है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी विवाद की स्थिति

मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के विरोध और प्राचार्य के बयान के बाद मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। एक ओर विद्यार्थियों ने मारपीट के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर प्राचार्य ने परिसर में रैगिंग को लेकर अपना पक्ष रखा है।

फिलहाल, मारपीट और रैगिंग से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की जांच और कॉलेज प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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