उत्तर प्रदेशराजनीति

दिल्ली चलो आह्वान पर तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में बोले डॉ॰ संजय निषाद

लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी कैबिनेट मंत्री डॉ॰ संजय निषाद नें आज कहा कि मैं जानता हूँ कि आप सभी के मन में आज इस मंच के माध्यम से बहुत कुछ जानने और सुनने की इच्छा है। मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि आज इस मंच के माध्यम से हर किसी को, चाहे वो व्यक्तिविशेष हो या फिर कोई पार्टी हो, उसको उसकी सोच के हिसाब से कुछ न कुछ जरूर मिलेगा।

आप सभी सोच रहे होंगे कि डॉ. साहब ने विजयदशमी के अगले दिन ही उत्तर प्रदेश से दूर दिल्ली में रैली क्यों बुला ली? मैं ये भी जानता हूँ कि आप सभी अपना परिवार छोड़कर त्योहार के समय दिल्ली के लिए निकले होंगे। जब देश में सभी लोग दशहरा मना रहे होंगे, तब आप निषाद पार्टी और डॉ संजय निषाद के आह्वान पर ‘दिल्ली चलो’ के लिए रास्ते में होंगे।

विजयदशमी हम बुराई पर अच्छाई की जीत को लेकर मनाते हैं और इस दशहरे पर हमें यह प्रण लेना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम अपना मुद्दा हल करवाकर रहेंगे। हमारी विजयदशमी तब होगी, जब मछुआ आरक्षण मिलेगा। बोलो भाई, हमारी विजयदशमी कब होगी, जब मछुआ आरक्षण मिलेगा।

मैं आप सभी के इस योगदान को ऐसे ही व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। आपको इतनी दूर दिल्ली बुलाने का मेरा एक ही मकसद था कि जो जो समाज दिल्ली में आया है उसका समाज जाग गया है और उसको अधिकार मिल गया है, आपको भी उत्तर प्रदेश से दूर दिल्ली में बुलाकर मैं निषाद पार्टी के आने वाले भविष्य की जानकारी दूँ। उत्तर प्रदेश में आज बड़ी-बड़ी पार्टियाँ निषाद पार्टी और डॉ. संजय निषाद से घबरा गई हैं, क्योंकि सभी राजनीतिक पार्टियाँ, चाहे फिर वो हमारा सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी हो या फिर पूर्व सहयोगी दल समाजवादी पार्टी हो, दोनों ही पार्टियाँ आज निषाद पार्टी को अपने साथ लेकर चलने की बात कह रही हैं।

निषाद पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव 2018 के समय समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था, गोरखपुर उपचुनाव 2018 में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में भी कहा था कि जब तक समाजवादी पार्टी निषाद पार्टी के लिए रास्ता बंद नहीं करती है, तब तक मैं किसी और पार्टी के दरवाजे पर नहीं जाऊँगा कहा था की नहीं कहा था और मैं आज इस मंच के माध्यम से घोषणा करता हूँ कि जब तक भारतीय जनता पार्टी निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती है कि वो आरक्षण लागू करेगी या नहीं, मैं तब तक बीजेपी के जवाब के इंतजार में हूँ। बोलो भाई इंतजार करना है कि नहीं करना है बीजेपी के जबाव का

जिस दिन बीजेपी आरक्षण के विषय पर रास्ता बंद करेंगी, तो हम अपने मुद्दे को लेकर स्वतंत्र हूँ। बोलो भाई-स्वतंत्र है की नहीं हम अपने मुद्दे को लेकर, हम किसी भी राजनीतिक दल के साथ अपने मुद्दे पर समझौता करने को लेकर तैयार हैं कि नहीं तैयार हैं।

मैं आज इस मंच और समाज के माध्यम से कहना चाहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी के पास आज केंद्र और राज्य, दोनों जगह सरकार है। आपको निर्णय लेना है। आप आरक्षण के विषय पर जल्द से जल्द निर्णय लीजिए।

हम अंतिम समय तक आपके इंतजार में हैं किंतु अंतिम का मतलब ये नहीं है कि हम अपने समाज के साथ धोखा करें। आप आरक्षण के विषय पर अंतिम समय तक कोई निर्णय नहीं लेते हैं, तो मजबूरी में हमें दूसरा दरवाजा देखना होगा, बताओ भाई अगर आरक्षण पर कोई ठोस निर्णय नहीं मिलता है तो निर्णय लेना होगा की नहीं

मैं आज इस मंच के माध्यम से अखिलेश जी से भी कहना चाहूँगा। आप कल प्रेस वार्ता में किसी पत्रकार से पूछ रहे थे कि हमारे पुराने सहयोगी, जो छोड़कर गए थे, उनको 2022 में कितनी सीटें मिली थीं। मैं सीटों की चर्चा करना नहीं चाहता था। आपको पत्रकारों को समाजवादी पार्टी को छोड़ने का कारण भी बताना चाहिए था। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ ई० प्रवीण निषाद ने निषाद पार्टी और पीस पार्टी की बदौलत गोरखपुर लोकसभा चुनाव जीता था।

अगर आपके लोगो में इतना अहंकार है कि आपके और समाजवादी पार्टी के दम पर हम प्रवीण जी को सांसद बना पाए थे, तो आप इस भ्रम को दूर कर लीजिए। आपने ई० प्रवीण के बाद भी और पहले भी निषाद समाज के लोगों को गोरखपुर से विधानसभा और लोकसभा का टिकट दिया है मैं आज इस मंच के माध्यम से पूछना चाहता हूँ क्या आप बिना निषाद पार्टी के सहयोग के गोरखपुर जीत पाए थे और क्या भविष्य में जीत पाएंगे?

अखिलेश यादव हम आपका स्वागत करते हैं। आप 2027 के चुनाव में गोरखपुर की किसी भी विधानसभा सीट पर अपने सामने मुझे चुनाव लड़ने की चूनौती दीजिए। मैं अपने दम पर लड़ेंगा। भाजपा का भी सहयोग नहीं लूँगा और आपसे अधिक निषाद समाज का वोट दिखाने का दम डॉ. संजय निषाद और निषाद पार्टी रखते हैं।

आप कुछ चेलों से पूछ रहे हैं कि कितनी सीटें मिली थीं और वो चेले बोलते हैं कि भाजपा ने निषाद पार्टी को 2022 में 8 सीटें दी थीं। अखिलेश जी, निषाद पार्टी सीटों की नहीं, जीत की बात करती है और आपके करीबियों को 2022 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने ही हराया था, शायद आपको याद नहीं होगा। हम आपको याद ददिलवाने का काम कर देते हैं

राम गोविंद चौधरी – निषाद पार्टी ने हराया था की नहीं हराया था शैलेन्द्र यादव ललई निषाद पार्टी ने हराया था की नहीं हराया था अजय सिंह लल्लू-निषाद पार्टी ने हराया था की नहीं हराया था कैप्टन बृजेश पासवान – निषाद पार्टी ने हराया था की नहीं हराया था

गौरव रमन सिंह – निषाद पार्टी ने हराया था की नहीं हराया था।इसमे से कुछ ऐसी सीट भी है जो आपके कारीबियों को 2017 में भी अखंड भाजपा की लहर के बाद भी कोई हरा नहीं पाया था, किंतु 2022 में निषाद पार्टी ने हराकर दिखाया था। अखिलेश जी, हम 16 सीटों पर चुनाव लड़े थे और 11 सीटों पर जीतकर आए थे। खैर, आपको वेले ये स्ट्राइक रेट आपको नहीं बताते होंगे।

साथियों, बीते दिनों जिस प्रकार बिजनौर, मुरादाबाद में भाजपा विधायक के बेटे द्वारा, जौनपुर, मेरठ, गोंडा और मुजफ्फरनगर में जाति विशेष के लोगों द्वारा आतंक मचाया जा रहा है, तो सुन लो- हम शांत हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि हम हाथ उठाना नहीं जानते हैं। हम बटन से सत्ता बदलना जानते हैं। अगर आप अत्याचार करोगे, तो हम बटन दबाकर आपको सत्ता से बाहर करने का काम करेंगे और इतिहास गवाह है जब जब निषाद समाज ने शोषण झेला है वो सत्ता से बाहर हो गया है।

यादव समाज के आतंक से सपा गई, हमारा ताल घाट बालू बसपा ने छीना तो बसपा गई, कांग्रेस ने आरक्षण छीन लिया कांग्रेस से सत्ता छीन ली और अंग्रेजों और मुगलों ने शोषण किया तो उनको डुबो डुबोकर मार दिया। अगर सत्ता संरक्षित जाति अपना अपराध और निषाद समाज का शोषण बंद नहीं करती है आपका भी यही हाल होगा जो सभी का हुआ है। मैं पश्चिम के साथियों से भी कहना चाहूँगा कि आपके साथ मैं खड़ा हूँ।

जिस विधायक ने मुरादाबाद में आतंक मचाया है, वो विधायक आपके घर वोट मांगने आए तो उसको आप लात जूते चप्पलों से स्वागत करना। अगर ऐसा करने से गठबंधन टूटता है तो टूट जाए। मेरे समाज के लोगों को करंट लगाया जाएगा, मारा जाएगा, कटे अंगों पर मिर्ची और नमक लगाया जाएगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। मुरादाबाद में मेरे कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया था।

मैं मेरठ में सोनू कश्यप के यहाँ जा रहा था, तो हमारी ही सरकार ने मुझे हाउस अरेस्ट किया था। हाउस अरेस्ट किया था कि नहीं किया था गाजियाबाद में वो आज सत्ता में बैठकर हमे हाउस अरेस्ट कर सकते हैं किंतु हमारे विचारों को कैसे अरेस्ट करेंगे?

साथियों, आजकल कुछ पार्टियाँ निषाद पार्टी को खत्म करने की सोच रही हैं। ये केवल दूसरी पार्टियों की सोच नहीं है, बल्कि हमारे और आपके बीच बैठे हमारी पार्टी के कुछ लोगों को भी तोड़ा जा रहा है।

मेरे बेटे प्रवीण को चुनाव इसलिए हराया गया, ताकि वो संतकबीरनगर में स्थापित न हो जाए, जिसमें बाहरी और अंदरूनी लोगों का साथ था। अब वो सपना देख रहे हैं कि चौरी-चौरा से श्रवण को साम, दाम, दंड, भेद से हराया जाए। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि चौरी-चौरा में श्रवण के खिलाफ समाजवादी पार्टी और सत्ता संरक्षित आदमी को एक होते हुए देखा जाए।

सत्ता में बैठे लोग सपना देख रहे हैं कि हम सत्ता संरक्षित आदमी को समाजवादी पार्टी से जीतवाकर दूसरा मनोज पांडेय बना देंगे। आप कायरों की तरह पीछे से वार क्यों कर रहे हैं? आइए, सामने से लड़िए। मेरे बेटे का नाम श्रवण है और महाभारत में अभिमन्यु ने अकेले चक्रव्यूह तोड़ने का काम किया था।

जीत और हार का निर्णय जनता करेगी, लेकिन छल का निर्णय हम लेंगे।मैं मंचासीन सभी लोगों और अपनी राष्ट्रीय कमेटी, प्रदेश कमेटी तथा सभी जिला कमेटियों से कहना चाहता हूँ कि जिसको जाना है, वो जा सकता है। हम आज सभी को खुली छूट दे रहे हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में लड़ाई और तेज होगी। कई निर्णय मुझे और पार्टी को लेने हैं। जो अभी से पार्टी छोड़ने की इच्छा बना रहा है, वो जा सकता है।

अंत में, गठबंधन का निर्णय हमारी पार्टी की कोर कमेटी और 75 जनपदों की राय लेने के बाद ही लिया जाएगा। हम अपने मुद्दे को लेकर किस दल के पास जाएँगे, इसका अंतिम निर्णय सभी की राय के बाद होगा।

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