पुश्तैनी जमीन बड़े बेटे के नाम करने का ससुर पर आरोप, दो बेटियों के पालन-पोषण के लिए विधवा ने मांगा न्याय

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव में एक विधवा महिला ने अपने ससुर पर पुश्तैनी जमीन बड़े बेटे के नाम करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद वह मजदूरी करके अपनी दो बेटियों का पालन-पोषण कर रही है। खेती के लिए जमीन में हिस्सा मांगने पर उसे कथित रूप से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता निर्मला देवी पत्नी स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह, निवासी दनियालपुर, पोस्ट हसवा के अनुसार, उसके ससुर जबर सिंह पुत्र महावीर सिंह के तीन बेटे हैं। इनमें बड़े बेटे का नाम धर्मेंद्र सिंह, दूसरे बेटे सुरेंद्र सिंह और तीसरे बेटे का नाम नरेंद्र सिंह है। निर्मला देवी के पति सुरेंद्र सिंह की करीब दस वर्ष पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद से दोनों बेटियों की पढ़ाई, खानपान और अन्य जरूरतों की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
महिला का आरोप है कि वह मजदूरी करके किसी तरह परिवार का खर्च चला रही है। बेटियों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता को देखते हुए उसने अपने ससुर से खेती के लिए जमीन में हिस्सा देने की मांग की थी, ताकि खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण कर सके।
निर्मला देवी के मुताबिक, जमीन में हिस्सा मांगने पर उनके ससुर ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। पीड़िता का आरोप है कि ससुर ने बताया कि पूरी जमीन बड़े बेटे धर्मेंद्र सिंह के नाम कर दी गई है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने अधिकारियों से मांग की है कि जमीन के हस्तांतरण की जांच कराई जाए और उसके दिवंगत पति के हिस्से के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे न्याय दिलाया जाए। उसका कहना है कि जमीन मिलने से वह अपनी दो बेटियों का पालन-पोषण बेहतर तरीके से कर सकेगी और उनके भविष्य की चिंता कम होगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जमीन के स्वामित्व, उसके हस्तांतरण और उत्तराधिकार से जुड़े अधिकारों की स्थिति संबंधित अभिलेखों एवं लागू कानून के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।



