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उन्नाव में बाढ़ का कहर: तीन दिन से पानी में घिरा पोरई गांव, बिजली गुल, रास्ते बंद

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

लोन नदी उफनाने से गांव की आबादी और खेत प्रभावित, पोरई-भाटनखेड़ा मार्ग पर पांच फीट पानी; किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूबने का खतरा

उन्नाव। जिले में लगातार बारिश के बाद नदियों के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीण इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीघापुर तहसील क्षेत्र का पोरई गांव पिछले तीन दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। गांव की बिजली आपूर्ति भी ठप है, जबकि पोरई-भाटनखेड़ा मार्ग पर करीब पांच फीट पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।

लोन नदी का पानी गांव की आबादी तक पहुंचने के साथ ही खेतों में भी फैल गया है। पोरई गांव के दुर्गागंज और जियाखेड़ा मजरे में करीब 150 बीघा धान, उड़द, मूंग और तिल की फसल प्रभावित होने का खतरा बताया गया है।

अटवट में घरों तक पहुंचा पानी

अटवट गांव में भी बाढ़ का पानी करीब 25 घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों ने घरों की छतों पर शरण ली है। एक परिवार के आठ से नौ सदस्यों ने प्राथमिक विद्यालय में डेरा डाल लिया। प्रशासन की ओर से करीब 65 राहत सामग्री किट मिलने की जानकारी दी गई है, जिनका वितरण कराया जा रहा है।

किसानों की बढ़ी चिंता

सई नदी का जलस्तर बढ़ने से औरास क्षेत्र के कई गांवों के खेत भी जलमग्न हो गए हैं। करीब 1025 बीघे में बोई गई धान की फसल पानी में डूबने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि फसल अच्छी थी, लेकिन बाढ़ ने उनकी मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है।

सड़क कटने का भी खतरा

परसंदा गांव के पास लोन नदी के तेज बहाव से सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा कट गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। विभाग ने लोगों से बाढ़ प्रभावित मार्गों पर आवागमन से बचने की अपील की है।

एडीएम वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड के अनुसार, संबंधित तहसील अधिकारियों को प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां अभी राहत नहीं पहुंची है, वहां जांच कराने की बात कही गई है।

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