गौशालाओं में अव्यवस्थाओं पर प्रशासन सख्त, संस्था का अनुबंध निरस्त; कोरारी कलां में मृत गोवंश मिलने से भी उठे थे सवाल

उन्नाव। जिले में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। तौरा और पड़रीखुर्द गौशालाओं के संचालन में अनियमितताएं मिलने के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने ईको फ्रेंडली डेवलपमेंट सोसाइटी का तीन वर्ष का अनुबंध निरस्त कर दिया है। गौशालाओं का संचालन अब ग्राम प्रधान और सचिव को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में मिली कई कमियां
तीन अगस्त को खंड विकास अधिकारियों की ओर से की गई जांच में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। मृत गोवंशों के निस्तारण की प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई।
इसके अलावा गोवंशों के लिए हरे चारे, भूसे और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था में कमी मिली। गौशाला के रखरखाव, निगरानी और अभिलेखों में भी अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट में संचालन को शासन के निर्धारित मानकों और अनुबंध की शर्तों के विपरीत बताया गया। इसके बाद डीएम ने संस्था का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
कोरारी कलां में खेतों के पास मिले थे मृत गोवंश
इसी बीच बिछिया विकासखंड के कोरारी कलां गांव में गौशाला के आसपास और खेतों के पास मृत गोवंश मिलने की घटना ने भी ग्रामीण स्तर पर गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए थे। स्थानीय ग्रामीणों ने मृत गोवंशों को लेकर चिंता जताई थी और उनके निस्तारण तथा गौशाला की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
ग्रामीणों की ओर से यह भी आरोप लगाए गए थे कि कई दिनों से मृत गोवंशों को खेतों की ओर फेंका जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अलग से होना बाकी है। इसलिए इस मामले में जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
इससे पहले दूसरी गौशाला पर भी हुई कार्रवाई
प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई से पहले जिले की एक अन्य गौशाला के संचालन से जुड़ी समिति पर भी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। आज की रिपोर्ट के अनुसार वहां मवेशियों के संरक्षण से जुड़ी समिति का अनुबंध निरस्त किया गया था और मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
संस्था ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
वहीं ईको फ्रेंडली डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष ने अनुबंध निरस्त किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। संस्था की ओर से जिलाधिकारी के साथ शासन स्तर पर भी पत्र भेजा गया है। अध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जांच के समय की वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटो और अन्य साक्ष्य संस्था के पास मौजूद हैं।
अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद तौरा और पड़रीखुर्द गौशालाओं की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं कोरारी कलां में मृत गोवंश मिलने की घटना की भी यदि प्रशासनिक स्तर पर जांच होती है तो उससे गौशाला की व्यवस्थाओं और मृत गोवंशों के निस्तारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
किसान मेल ब्यूरो
ऋषभ तिवारी



