दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, शाखा–बस्ती का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

कर्मचारी हितों के संकल्प के साथ नई कार्यकारिणी ने ग्रहण की शपथ
लखनऊ/बस्ती। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश, शाखा–बस्ती की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को जनपद न्यायालय, बस्ती के केंद्रीय सभागार में अत्यंत गरिमामय एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय जनपद न्यायाधीश शमशुल हक रहे।
मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश महोदय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष भागवत शुक्ल, सचिव संतोष त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष दीपक कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव रोहित कुमार जायसवाल एवं संगठन सचिव सालिक राम यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
संगठन विस्तार के साथ नई जिम्मेदारियों का दायित्व
नवनिर्वाचित अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने संगठन को व्यापक, सशक्त एवं सक्रिय स्वरूप प्रदान करने की दिशा में विभिन्न पदों पर मनोनयन करते हुए अमित श्रीवास्तव को संरक्षक, मोहम्मद नियाज़ अहमद को प्रवक्ता, कुलदीप द्विवेदी एवं मनोज कुमार को उपाध्यक्ष, नीरज कुशवाहा को कोषाध्यक्ष, वैशाली गुप्ता, रामचंद्र यादव को संगठन सचिव मनोनीत किया।
वहीं उमेश जायसवाल को संघ के उपाध्यक्ष के साथ संघ के मीडिया संबंधी दायित्वों का प्रभार सौंपा गया।
इन मनोनयन के माध्यम से संगठन ने यह संदेश दिया कि संघ की कार्यप्रणाली केवल पदों तक सीमित न रहकर सामूहिक सहभागिता, उत्तरदायित्व एवं कर्मचारी हितों के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर आगे बढ़ेगी।
समारोह में अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने उपस्थित अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर अपर जिला जज श्री प्रमोद गिरि, न्यायिक अधिकारीगण श्रीमती सत्यभामा कौशिकी एवं श्री तनय आकाश, तथा प्रांतीय संघ से आमंत्रित श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ दीं।
वक्ताओं ने संगठन की भूमिका, कर्मचारी हितों, पारस्परिक समन्वय, अनुशासन एवं न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने में न्यायिक कर्मचारियों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष श्री मस्त राम वर्मा ने भी संबोधित किया तथा नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए संगठन के उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की कामना की।
दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ प्रांतीय कार्यकारणी से अनिल कुमार श्रीवास्तव प्रांतीय उपाध्यक्ष, अशोक ओझा प्रांतीय संगठन सचिव, राम आधार पाल अध्यक्ष विकास भवन कर्मचारी संघ, एवं अखिलेश पाठक अध्यक्ष कोषागार कर्मचारी संघ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने कहा कि संघ का अध्यक्ष पद उनके लिए किसी व्यक्तिगत गौरव का विषय नहीं, बल्कि जनपद के प्रत्येक कर्मचारी के विश्वास, अपेक्षा और अधिकारों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास होगा कि संगठन में किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान, अधिकार और हित का स्थान सर्वोपरि हो। हम पद की प्रतिष्ठा से अधिक उसके दायित्व की गरिमा को समझते हुए कार्य करेंगे। संगठन की शक्ति किसी एक व्यक्ति में नहीं, बल्कि उसकी एकजुटता में निहित होती है। हमारा संकल्प है कि बस्ती शाखा कर्मचारी हितों की आवाज को पूरी निष्ठा, मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन के साथ मजबूती से उठाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी संवाद, समन्वय और सहभागिता की भावना के साथ आगे बढ़ेगी तथा कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना, समझना और उनके समाधान के लिए सार्थक प्रयास करना उसकी प्राथमिकता होगी।
समारोह के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश शम्सुल हक ने अपने आशीर्वचन से नवनिर्वाचित कार्यकारिणी एवं उपस्थित कर्मचारीगण को अभिसिंचित किया। उन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए संगठन के सफल एवं रचनात्मक कार्यकाल की कामना की तथा आपसी सौहार्द, अनुशासन, समन्वय एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
उनके आशीर्वचन से समारोह का वातावरण भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी हो उठा।
अंत में संघ के अध्यक्ष भागवत शुक्ल ने मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों, उत्तर प्रदेश संयुक्त कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों, आमंत्रित अतिथियों तथा उपस्थित समस्त कर्मचारीगण के प्रति हृदय से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह शपथ केवल पद ग्रहण करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि कर्मचारी समाज के प्रति सेवा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं विश्वास की सार्वजनिक प्रतिज्ञा है।
समारोह में जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण, संघ के सदस्य एवं गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह ने न केवल नई कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से दायित्व प्रदान किया, बल्कि संगठन में नई ऊर्जा, नई आशा और सामूहिक संकल्प का भी संचार किया।




