यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे हादसों को लेकर दिया निर्देश, कहा-स्लीपर बसों की रात में की जाए जांच.
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.
कोर्ट ने रात में बसों की विशेष जांच के साथ सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले चालक, परिचालक और लाइसेंसधारक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने अधिकारियों को बसों की नियमित जांच तेज करने और विशेष रूप से रात में निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों के चालक और परिचालक के साथ ही लाइसेंसधारक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
स्वचालित आग बुझाने की व्यवस्था और यात्रियों के केबिन में आग पर काबू पाने के लिए उपयुक्त प्रणाली का भी प्रावधान होना चाहिए। चालक की नींद का पता लगाने वाली प्रणाली का उल्लेख भी मानकों में किया गया है। कोर्ट ने कहा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों को चालक, परिचालक और बस के लाइसेंसधारक के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी होगी।
मुख्य सचिव ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वह मामले को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे। बसों की संयुक्त जांच कराई जाएगी और रात में विशेष निरीक्षण किया जाएगा।
कोर्ट ने घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से बसों की सुरक्षा व्यवस्था, जांच और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मांगी है. हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को तय की है.




