उत्तरप्रदेश MLC चुनाव बना विशेष प्रतिष्ठा का विषय-23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

उत्तरप्रदेश MLC चुनाव इतना ज्यादा कभी प्रतिष्ठा का विषय नही बना,जितना इसबार….
चुनावी पंडितों के अनुसार ये सेमीफाइनल है…
शिक्षक और स्नातक एमएलसी (विधानपरिषद सदस्य) की 11 सीटों पर कल 23 अक्टूबर को होगी वोटिंग
पूरे प्रदेश के 75 जनपदों में से 72 जिलों में होगी सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
कुल वोटर 14,81,310
कुल मतदेय स्थल 2697
कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में
उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक खंड विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के प्रचार का बुधवार को आखिरी दिन है. शाम को प्रचार थम जाएगा. इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे सामने आएंगे. विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस चुनाव को भाजपा और सपा के लिए काफी अहम माना जा रहा है. यही वजह है कि दोनों दलों ने अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी है.
इन वजहों से विधानसभा चुनाव से पहले अहम है मुकाबला
एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव से पहले जनता के रुझान को समझने का एक मौका माना जा रहा है. इसकी पहली वजह यह है कि मतदान ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होगा. ऐसे में भाजपा की जीत से सपा के ईवीएम संबंधी आरोपों पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है, जबकि सपा की जीत से उसे अपने पक्ष में माहौल होने का दावा करने का मौका मिल सकता है. दूसरी वजह शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भूमिका है. तीसरी वजह यह है कि इन सीटों का दायरा पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक फैला है.

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधी कमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इन चुनावों में प्रचार की कमान संभाली और गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, आगरा तथा गाजियाबाद समेत कई जिलों में धुआंआधार प्रचार किया।
- विपक्ष के कड़े आरोप: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर मतदाता सूची में धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, जिससे यह चुनावी जंग और तीखी हो गई है



