उन्नाव में उर्वरक दुकानों पर प्रशासन का औचक छापा, 35 दुकानों का निरीक्षण, 7 नमूने लिए गए
संवाददाता : सचिन पांडे
उन्नाव। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उचित दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलेभर में उर्वरक दुकानों के खिलाफ औचक छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गठित चार टीमों ने जिले की विभिन्न तहसीलों में कुल 35 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध स्टॉक से सात नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की गई।
उप कृषि निदेशक रविचंद्र प्रकाश के नेतृत्व में हसनगंज तहसील में जांच अभियान चलाया गया। वहीं, जिला कृषि अधिकारी शशांक ने संबंधित अधिकारियों के साथ सफीपुर और बांगरमऊ तहसीलों में छापेमारी की। इसके अलावा सदर, बीघापुर और पुरवा तहसीलों में भी उर्वरक दुकानों की सघन जांच की गई।
अभियान में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए अनुराग कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी शामिल रहे। भूमि संरक्षण अधिकारी राम नरेश और कृषि रक्षा अधिकारी भीमसेन ने भी जांच अभियान में अपनी भूमिका निभाई।
जांच के दौरान संदिग्ध उर्वरक स्टॉक से सात नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अधिकारियों ने दुकानदारों को पीओएस मशीन के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने, वितरण में अनियमितता करने या दुकान बंद पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद निर्धारित दर पर उपलब्ध कराना और उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।



