न्यायालय के फैसलों को राजनैतिक उत्पीड़न का नाम देना देश की न्यायिक प्रक्रिया पर हमला- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ 22 अक्टूबर 2026। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा आजम खान के कथित राजनैतिक उत्पीड़न को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय के फैसलों को राजनैतिक उत्पीड़न का नाम देना देश की न्यायिक प्रक्रिया पर हमला है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव का रामपुर जेल जाकर आजम खान के प्रति समर्थन जताना राजनैतिक परिस्थितियों से प्रेरित है और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति के चलते उनकी विवशता है। उन्होंने कहा कि जब आजम खान को सपा व अखिलेश यादव की आवश्यकता थी, तब समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। अब रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असदुद्दीन औवेसी सहित अन्य राजनैतिक ताकतों की सक्रियता के बीच अखिलेश यादव की यह पहल उनके परम्परागत राजनैतिक जनाधार को लेकर बढ़ती चुनौती से भी जुड़ी दिखाई देती है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव सार्वजनिक मंचों से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन जब न्यायालय के फैसले उनके राजनैतिक सहयोगियों के विरूद्ध आते हैं तब वे पारिवारिक संबंधो की दुहाई देने लगते हैं। लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नही माना जा सकता।
केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन न्यायापालिका की स्वतंत्रता और संविधान की गरिमा लोकतंत्र के मूल आधार है। राजनैतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन न्यायिक फैसलों को राजनैतिक उत्पीड़न बताकर न्यायालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतंत्र और संविधान पर हमला भी करता है और उसे कमजोर भी करता है।




