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बलिदानी जवानों को मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि, बोले—अब उपद्रव नहीं, उत्सव का प्रदेश है उत्तर प्रदेश

ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित स्मृति परेड में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परेड की सलामी लेने के बाद पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के तीन भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस अधिकारियों को ही कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। थानों में इंस्पेक्टर बैठते थे, लेकिन फैसले कहीं और से लिए जाते थे। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण पुलिस के सामने कई चुनौतियां थीं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस के हाथों से राजनीतिक बेड़ियां तोड़ी गईं और अपराधियों तथा माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। आज हर अपराधी को पता है कि उत्तर प्रदेश में उसका आखिरी ठिकाना कहां है।

पुलिसकर्मियों के तीन भत्तों में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें फील्ड ड्यूटी करने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय शामिल है।

इसके अलावा पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये और फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख कैशलेस हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं।

2012 से 2017 के बीच हुए 815 दंगों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हुए 815 दंगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में दंगों के कारण गरीबों की दुकानें जलीं, मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा।

उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का उल्लेख करते हुए पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव के बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में दंगों का इतिहास किताबों तक सिमट गया है और उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन चुका है।

माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। अपराधियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। प्रयागराज में ऐसी ही भूमि पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कड़ाके की ठंड, तपती दोपहरी और भारी बारिश में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।

पुलिस भर्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के विस्तार का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि शहीद जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा पुलिसकर्मियों की सुविधाओं में सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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