डेंटल क्लिनिक में दांत निकलवाने के बाद युवक की मौत, शव रखकर परिजनों का हंगामा

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
कानपुर देहात। रनिया क्षेत्र में एक डेंटल क्लिनिक में इलाज के बाद 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। शुक्रवार को युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कथित रूप से उसी डेंटल क्लिनिक में रखकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई व मुआवजे की मांग की।
मृतक की पहचान मुबारकपुर लाटा निवासी 22 वर्षीय प्रभात के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक प्रभात 6 अगस्त को दांत में दर्द की शिकायत लेकर रनिया स्थित शंकर डेंटल क्लिनिक पहुंचा था।
दांत निकालने के बाद लगातार खून बहने का आरोप
मृतक के भाई बलराम का आरोप है कि क्लिनिक में डॉक्टर ने दांत में कीड़ा बताते हुए इलाज किया और दांत निकाल दिया। इसके बाद प्रभात के मुंह से लगातार खून बहने लगा। परिजनों का कहना है कि करीब 22 दिनों तक रक्तस्राव की समस्या बनी रही और उन्होंने युवक को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया।
परिजनों के अनुसार प्रभात का कानपुर के लोकप्रिय हॉस्पिटल और हैलट, इसके बाद लखनऊ के KGMU और अनाहा हॉस्पिटल में भी इलाज कराया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे हैलट में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शव क्लिनिक में रखकर हंगामा
मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण रनिया स्थित शंकर डेंटल क्लिनिक पहुंचे। यहां शव रखकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
सूचना पर रनिया थाना प्रभारी सौरभ सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ संजय सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और लोगों से बातचीत की।
क्लिनिक संचालक ने आरोपों से अलग बताई वजह
वहीं, क्लिनिक संचालक डॉ. शंकर सचान का कहना है कि दांत निकाले जाने के बाद प्रभात को बुखार आता रहा और उसकी प्लेटलेट्स कम हो गई थीं। उनका दावा है कि परिजनों ने युवक का उचित इलाज नहीं कराया।
फिलहाल इलाज में लापरवाही के आरोप और युवक की मौत के वास्तविक कारण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच, चिकित्सकीय अभिलेख और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की वजह और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



