फतेहपुर में ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन का आरोप, बांदा से आने वाले मोरंग वाहनों पर उठे सवाल

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। जिले में बांदा की ओर से आने वाले मोरंग लदे वाहनों में ओवरलोडिंग और कथित अवैध परिवहन का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि शाम होते ही बड़ी संख्या में मोरंग से लदे वाहन फतेहपुर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इनमें कुछ वाहनों के पास आवश्यक खनन राजस्व प्रपत्र नहीं होने, जबकि कुछ के कंडम हालत में होने और नंबर प्लेट स्पष्ट न होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि बांदा जिले के विभिन्न मोरंग भंडारण केंद्रों से मोरंग लेकर वाहन रामनगर-कौहन यमुना पुल के रास्ते फतेहपुर की सीमा में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा असोथर क्षेत्र में स्थित कई मोरंग भंडारण केंद्रों से भी वाहनों के संचालन की बात कही जा रही है।
कई प्रमुख मार्गों से गुजरने का दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक असोथर से गाजीपुर-बौहा, थरियांव-फतेहपुर और विजयीपुर-धाता मार्गों पर शाम के बाद मोरंग लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई वाहन क्षमता से अधिक मोरंग लेकर चलते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि खनन, परिवहन और राजस्व विभाग की कार्रवाई के बावजूद ओवरलोडिंग और कथित अवैध परिवहन पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
फतेहपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार निधि गुप्ता वत्स जिलाधिकारी और अभिमन्यु मांगलिक पुलिस अधीक्षक हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ लगातार जांच और कार्रवाई की जरूरत है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों का संज्ञान लेकर वाहनों के कागजात, भार क्षमता और खनन राजस्व प्रपत्रों की जांच के लिए क्या कदम उठाते हैं।


