अब QR कोड स्कैन होते ही मिलेगा रोडवेज का मुफ्त टिकट, दिव्यांग यात्रियों के लिए UPSRTC ने शुरू की नई सुविधा

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
लखनऊ। दिव्यांग यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। अब परिचालक दिव्यांगजन पहचान पत्र (UDID कार्ड) पर दर्ज QR कोड को ETIM मशीन से स्कैन कर मौके पर ही शून्य मूल्य का टिकट जारी कर सकेंगे। नई व्यवस्था 23 सितंबर 2026 से लागू की गई है।
इस सुविधा के शुरू होने से दिव्यांग यात्रियों को टिकट बनवाने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी। साथ ही निशुल्क यात्राओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कैसे मिलेगा मुफ्त टिकट?
नई व्यवस्था के तहत परिचालक को ETIM मशीन में सबसे पहले यात्री का बोर्डिंग और गंतव्य स्थान दर्ज करना होगा। इसके बाद मशीन में दिए गए ‘दिव्यांगजन’ विकल्प को चुनकर यात्री के UDID कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन किया जाएगा।
QR कोड स्कैन होते ही मशीन पर यात्री से संबंधित प्रमाणित जानकारी प्रदर्शित होगी। इसमें नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता का प्रकार और प्रमाणित प्रतिशत जैसी जानकारी शामिल होगी। विवरण का सत्यापन होने के बाद मशीन से शून्य मूल्य का टिकट जारी हो जाएगा। यानी पात्र दिव्यांग यात्री को इस टिकट के लिए किराया नहीं देना होगा।
दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर टिकट की संख्या
नई व्यवस्था में दिव्यांगता के प्रमाणित प्रतिशत के आधार पर टिकट की संख्या निर्धारित करने की व्यवस्था भी की गई है।
- 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता: दिव्यांग यात्री के लिए एक निशुल्क टिकट।
- 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता: दो निशुल्क टिकट, जिसमें एक टिकट साथ यात्रा करने वाले सहयात्री के लिए भी होगा।
इससे अधिक दिव्यांगता वाले यात्रियों को अपने सहायक के साथ यात्रा करने में अतिरिक्त किराये की परेशानी नहीं होगी।
निशुल्क यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी बनेगा
ETIM मशीन से जारी होने वाले शून्य मूल्य के टिकट का रिकॉर्ड परिवहन निगम की डिजिटल व्यवस्था में दर्ज होगा। इससे निशुल्क यात्रा का डेटा व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगा और संबंधित यात्राओं की निगरानी व रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया भी आसान होगी।
नई व्यवस्था का एक उद्देश्य परिचालकों के लिए टिकट जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाना है। मशीन में QR कोड स्कैन होने के बाद यात्री का आवश्यक विवरण स्वतः सामने आने से मैन्युअल तरीके से जानकारी दर्ज करने की जरूरत कम होगी।
QR कोड स्कैन न होने पर भी नहीं रुकेगी यात्रा
यदि किसी कारण से UDID कार्ड का QR कोड स्कैन नहीं हो पाता है, तो दिव्यांग यात्री को निशुल्क यात्रा से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में पूर्व में लागू प्रक्रिया के अनुसार पहचान का सत्यापन कर निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखी गई है।
साधारण रोडवेज बसों में लागू हुई सुविधा
यह सुविधा UPSRTC की साधारण बस सेवाओं में लागू की गई है। इससे प्रदेशभर में रोडवेज से यात्रा करने वाले पात्र दिव्यांग यात्रियों को टिकट बनवाने की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परिवहन निगम की इस तकनीकी पहल से दिव्यांग यात्रियों के लिए निशुल्क बस यात्रा की प्रक्रिया अधिक सरल और डिजिटल हुई है। अब पहचान पत्र का QR कोड स्कैन कर कुछ ही चरणों में शून्य मूल्य का टिकट जारी किया जा सकेगा।



