गौरी में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन: एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान समेत कई दिग्गज पहुंचे, प्रदीप मिश्रा ने सनातन धर्म और करवाचौथ की महिमा पर दिया संदेश

ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी
बीघापुर (उन्नाव)। बीघापुर क्षेत्र के गौरी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से शिव महापुराण की अमृतवर्षा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल पहुंचे। दूसरे दिन की कथा में एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान समेत कई जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने सनातन धर्म की महत्ता, धार्मिक परंपराओं, करवाचौथ व्रत की मान्यता, विनम्रता, सत्य और अच्छी संगति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति की है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन किए बिना किसी भी धार्मिक परंपरा पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सनातन धर्म और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन पर दिया जोर
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिन लोगों ने शास्त्रों, पुराणों और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन नहीं किया है, वे सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत बातें फैलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने और स्वयं धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
करवाचौथ व्रत की महिमा का किया वर्णन
कथा के दौरान करवाचौथ व्रत का उल्लेख करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस व्रत को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को वराह पुराण, स्कंद पुराण और गणेश पुराण का अध्ययन करने की सलाह दी। गणेश पुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने करवाचौथ व्रत की धार्मिक मान्यता और उसके महत्व को विस्तार से समझाया।

मिट्टी के दीपक का उदाहरण देकर समझाया विनम्रता का महत्व
कथावाचक ने मिट्टी के दीपक का उदाहरण देते हुए कहा कि दीपक जमीन पर रहकर भी पूरे वातावरण को प्रकाश देता है। इसी प्रकार व्यक्ति को पद, प्रतिष्ठा और ऊंचाई प्राप्त होने के बाद भी अपनी विनम्रता नहीं छोड़नी चाहिए। जो व्यक्ति जमीन से जुड़ा रहता है, वही जीवन में वास्तविक ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। शिवलिंग के प्रादुर्भाव का प्रसंग सुनाकर उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
गलत संगति से बचने की दी सीख
कथा के दौरान हंस और कौवे की कहानी सुनाकर कथावाचक ने गलत संगति के दुष्परिणाम बताए। उन्होंने समझाया कि व्यक्ति की संगति उसके जीवन और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालती है। इसलिए हमेशा अच्छे विचारों और संस्कारों वाले लोगों के साथ रहना चाहिए।
शिव भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के बीच प्रस्तुत भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पंडित प्रदीप मिश्रा ने ‘हम बाबा के भरोसे चलते हैं, यह दुनिया वाले जलते हैं’ और ‘वचन दिया वो निभाना पड़ेगा, अंत समय प्रभु आना पड़ेगा’ जैसे भजनों के माध्यम से भक्तों को शिव भक्ति से जोड़ा। भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते और भगवान शिव के जयकारे लगाते नजर आए।
बारिश और कीचड़ के बीच पुलिस-प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
पिछले दिनों हुई बारिश के कारण कथा स्थल पर कुछ स्थानों पर कीचड़ की स्थिति बन गई थी। श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सहयोग की सराहना की।

एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान समेत कई प्रमुख हस्तियां पहुंचीं
दूसरे दिन की कथा में एमएलसी रामचंद्र सिंह प्रधान, एडीएम सुनील कुमार गोंड, बदायूं के जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष एसके सक्सेना, प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री धुन्नी सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार, एसडीएम धर्मेंद्र कुमार, कोतवाल अश्विनी कुमार मिश्रा, एसआई शिव गोपाल यादव, आशीष बाजपेई, सुंदरलाल बाजपेई, महेश गुप्ता, प्रिंसू सिंह, उपेंद्र कुमार, प्रदीप शुक्ला, शालिनी बाजपेई और बीना अग्निहोत्री सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजन के मुख्य आयोजक एवं जिला सहकारी बैंक उन्नाव के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कथा में पहुंचे अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को लेकर गौरी सहित आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कथा के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।



