उन्नाव में 40 दिन बाद भी गड्ढामुक्त नहीं हो सकीं 1052 किलोमीटर सड़कें, 158 किमी मार्ग अब भी बदहाल; 2.60 करोड़ रुपये से होना था पैचवर्क

जिला संवाददाता : देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देशों के बावजूद उन्नाव जिले में लोक निर्माण विभाग का अभियान निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका। बारिश से खराब हुई जिले की 1052 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शुरू कराया गया अभियान 40 दिन बाद भी अधूरा है। 31 अक्टूबर तक विभाग करीब 85 प्रतिशत काम ही पूरा कर सका। अभी भी लगभग 158 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश से जिले की कई सड़कों की हालत खराब हो गई थी। लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में प्रांतीय खंड की 550 किलोमीटर और निर्माण खंड की 502 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढे पाए गए थे। इसमें राज्यमार्ग, जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग और संपर्क मार्ग शामिल थे।
2.60 करोड़ रुपये से शुरू कराया गया था काम
सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने करीब 2.60 करोड़ रुपये के बजट से 22 सितंबर के आसपास पैचवर्क का काम शुरू कराया था। विभाग ने पहले 20 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि तय समय सीमा तक करीब 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई।
नई समय सीमा समाप्त होने के बाद भी 1052 किलोमीटर में से करीब 894 किलोमीटर सड़कों पर ही पैचवर्क हो पाया। शेष 158 किलोमीटर सड़कें अब भी गड्ढों से प्रभावित हैं।
बारिश को बता रहे काम अधूरा रहने की वजह
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई तेज बारिश के कारण कई दिनों तक पैचवर्क का काम प्रभावित रहा। इसके बाद 29 अक्टूबर से दोबारा मौसम खराब होने के चलते काम रोकना पड़ा।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हरदयाल अहिरवार के अनुसार मौसम साफ होते ही शेष काम पूरा कराया जाएगा। उन्होंने दो से तीन दिन में शत-प्रतिशत सड़कों को गड्ढामुक्त करने की बात कही है।
राहगीरों को कब मिलेगी राहत?
जिले में अभी भी कई मार्गों पर गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों को अधिक दिक्कत होती है। ऐसे में अब देखना होगा कि मौसम साफ होने के बाद विभाग कितनी जल्दी शेष 158 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत पूरी कराता है।



